गांव की आवाज न्यूज मावली। मावली उपखंड क्षेत्र का दूसरा बड़ा जल स्त्रोत घासा गंधर्वसागर (गढेला) तालाब एक बार फिर ओवरफ्लो हो गया है। बीती रात्रि कैचमेंट एरिया में हुई जोरदार बारिश के बाद तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे ओवरफ्लो का वेग भी बढ़ गया।जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग द्वारा तालाब की पाल का निर्माण पूर्व में कराया गया था, लेकिन कार्य के दौरान लेवलिंग में सही नही की गई। इसी कारण पहाड़ी के पास पानी फैल रहा है और अन्य दिशा से भी पानी ओवरफ्लो होकर बह रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि तीन वर्ष पूर्व भी यही स्थिति बनी थी, तब विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था और सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है।तालाब ओवरफ्लो होने के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में देखने के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं कई युवा तालाब की पाल पर बहते पानी में नहाने में व्यस्त हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। ओवरफ्लो का पानी घासा एनिकट में मिलकर उसकी पाल पर भी बह रहा है, जो आगे ग्रामीण क्षेत्रों में जा रहा है।कई शताब्दियों पुराना ऐतिहासिक तालाबगंधर्वसागर तालाब का निर्माण गंधर्व सेन राजा द्वारा करवाया गया था। यह तालाब लगभग 1700 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ओवरफ्लो हो रहा है।
चार पंचायतों की प्यास बुझा रहा है यह विशाल जल स्त्रोत मागंथला, घासा, धोलीमगंरी और पलाना खुर्द पंचायतों के लिए जीवनरेखा साबित हो रहा है। तालाब से इन गांवों की टंकियों में पानी पहुंचाया जाता है, जिससे ग्रामीणों को पीने और सिंचाई दोनों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है।ग्रामीणों ने मांग की है कि सिंचाई विभाग तालाब की पाल के क्षतिग्रस्त हिस्सों का तुरंत सुधार कार्य करवाए, ताकि पानी की बर्बादी और संभावित खतरे को रोका जा सके।
