गांव की आवाज न्यूज मावली। क्षेत्र के हिंदू समाज को संगठित करने एवं सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने के उद्देश्य से रविवार को ‘विराट हिंदू सम्मेलन मंडल घासा’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। आयोजन को लेकर संपूर्ण क्षेत्र में उत्साह, श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 1:15 बजे प्राचीन वैद्यनाथ महादेव मंदिर से डीजे की धुनों के साथ हुआ। यहां से 551 कलशों के साथ भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कलश यात्रा वैद्यनाथ महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, मुख्य बाजार रोड, ब्रह्मपुरी, कोटड़ी स्कूल, लोहारों का चौक, जैन नोहरा, आदर्श मार्केट और बड़ा स्कूल होते हुए आड़ी सड़क के रास्ते हनुमान चौक पहुंची। यात्रा के दौरान मार्ग में पुष्पवर्षा एवं जयघोष से वातावरण पूर्णतः धर्ममय बना रहा।
शोभायात्रा के समापन पर हनुमान चौक में विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए महंत चेतनानंद गिरी जी महाराज (मौनी आश्रम, धूणी माता) ने कहा कि भारत विश्व का प्राचीन देश है और सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है। उन्होंने कहा कि हमारी वर्ण व्यवस्था मूल रूप से वैज्ञानिक एवं सामाजिक संतुलन पर आधारित थी, किंतु कालांतर में मुगलों और अंग्रेजों के आगमन से इसे जाति व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया गया, जिससे हिंदू समाज कमजोर हुआ। सनातन धर्म चिड़िया से लेकर हाथी तक के पालन-पोषण की चिंता करता है।
महंत गोपालपुरी जी महाराज ने कहा कि माताओं-बहनों को महाराणा प्रताप और शिवाजी जैसे त्यागी व बलिदानी संतानों का निर्माण करना चाहिए।
धर्मसभा को महंत दुष्यंत भारती महाराज (वैद्यनाथ महादेव मंदिर, घासा), खेमपुरी महाराज सहित अन्य संतों ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सतीश कुमार आचार्य ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि विविधता में एकता ही हिंदू समाज की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने अपनत्व, संवेदना, एकता एवं स्वदेशी मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज पूरा विश्व हिंदू समाज की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है।
घासा मंडल के संयोजक एवं सदस्यों द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती, कल्याण मंत्र तथा महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। अंत में “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया” के मंगल उद्घोष के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
