गांव की आवाज मावली । मावली क्षेत्र की ग्राम पंचायत घासा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, धोली मंगरी में शुक्रवार को आध्यात्मिक श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत ऐतिहासिक आयोजन सम्पन्न हुआ। विद्यालय परिसर में विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की नवीन प्रतिमा की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और भक्ति संगीत के बीच पूरा वातावरण भक्तिरस से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित भागीरथ दास वैष्णव के सानिध्य में वैदिक विधि-विधान से हुआ। शुभ मुहूर्त में मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा प्रतिष्ठा सम्पन्न कराई गई। विशेष हवन में मुख्य यजमान प्रकाश वैष्णव एवं चेतन वैष्णव ने आहुतियां अर्पित करते हुए क्षेत्र की खुशहाली तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वंदे मातरम के 150 वर्ष: छात्रों में राष्ट्रप्रेम का संदेश
धार्मिक आयोजन के साथ-साथ कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति के रंग में भी रंगा नजर आया। वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्य अतिथि घासा तहसीलदार राधेश्याम जोशी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।
भामाशाहों का अनुकरणीय योगदान
विद्यालय के विकास में स्थानीय भामाशाहों का योगदान सराहनीय रहा। भामाशाह प्रकाश वैष्णव द्वारा मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा की स्थापना कर विद्यालय को आध्यात्मिक गौरव प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनों के लिए सामूहिक प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया, जिसने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
प्रशासनिक एवं सामाजिक सहभागिता
समारोह में तहसीलदार राधेश्याम जोशी के साथ नायब तहसीलदार नंदलाल जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य गोविंद लाल खटीक, प्रशासक तेजपाल सालवी, समाजसेवी हीरा लाल डांगी एवं रणछोड़ दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। ग्रामीण क्षेत्र से योगेश वैष्णव, चेतन दास वैष्णव, पुष्कर दास, गौतम वैष्णव, भगवान लाल जाट, चंद्रलाल भूपेश वैष्णव सहित कई प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
अनुशासित आयोजन और आभार
कार्यक्रम की सुव्यवस्था में विद्यालय स्टाफ का उल्लेखनीय योगदान रहा। रामेश्वर दास वैष्णव, श्वेता तालरेजा, कुसुम झा, जगेश कुमार पाटीदार, अर्जुन लाल खटीक, मांगीलाल, देवीलाल, तेजप्रकाश, भेरूलाल, हरेंद्र सिंह, राजेंद्र एवं जितेंद्र सहित समस्त कार्मिकों ने अपनी जिम्मेदारियां निष्ठापूर्वक निभाईं।
अंत में प्रधानाचार्य गोविंद लाल खटीक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए भामाशाहों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भामाशाहों का यह निस्वार्थ सहयोग न केवल विद्यालय के सर्वांगीण विकास में सहायक होगा, बल्कि समाज को भी शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में आगे आने की प्रेरणा देगा।


