गांव की आवाज न्यूज मावली |माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जलझूलनी एकादशी महोत्सव के अंतिम दिन 4 सितम्बर को पलाना-खुर्द गांव में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। महोत्सव के समापन अवसर पर ठाकुरजी को छप्पन (56) भोग अर्पित किए गए।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल शुरू हो गई थी। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में घर-घर से पकवान बनाकर मंदिर पहुँचाए। 56 भोग में मिष्ठान्न, नमकीन, फल, मेवे और विविध प्रकार की पारंपरिक व्यंजन शामिल रहे। ठाकुरजी को पहले भोग अर्पित कर आरती उतारी गई, तत्पश्चात सभी भक्तों को प्रसादी वितरित की गई।
मंदिर प्रांगण भक्ति संगीत, मंत्रोच्चारण और श्रद्धालुओं की भीड़ से गूंज उठा। आयोजन में गांव के साथ-साथ बाहर से पधारे श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रवासी समाजजनों की भागीदारी भी सराहनीय रही।
सत्यनारायण बाहेती ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव की संपूर्ण व्यवस्था (आणंद-अहमदाबाद) निवासी नवाल परिवार द्वारा की गई, जिन्होंने सेवा और आतिथ्य में कोई कसर नहीं छोड़ी।
गांव के वरिष्ठ जनों ने बताया कि जलझूलनी एकादशी पर तीन दिवसीय आयोजन की परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आने वाले वर्षों में भी यह आयोजन और भव्य रूप लेता रहेगा।
