
गांव की आवाज न्यूज मावली I मावली उपखंड क्षेत्र के फलीचड़ा ग्रामवासियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि गांव की चारागाह भूमि पर गेंदी की खरपतवार अत्यधिक हो गई थी, जिससे जंगली जानवरों का भय भी बना हुआ था। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामवासियों ने आपसी सहमति से गेंदी, विलायती बबूल व सूखे पेड़ों को हटाकर चारागाह भूमि को संरक्षित करने का कार्य श्रवण बंजारा निवासी खेमपुर को सौंपा था। ग्रामीणों का आरोप है कि श्रवण बंजारा ने साफ-सफाई की आड़ में रात्रि के समय हरे वृक्ष काटकर कोयला बनाना शुरू कर दिया। जब यह जानकारी सामने आई तो ग्रामीणों ने उसे रोकने का प्रयास किया, परंतु वह नहीं माना। बाद में मामले की सूचना तहसीलदार एवं ग्राम पंचायत फलीचड़ा को दी गई। तत्काल कार्रवाई करते हुए पटवारी व तहसीलदार मावली द्वारा मौके का निरीक्षण कर उक्त कार्य रुकवाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद कुछ लोगों ने राजनीतिक व व्यक्तिगत द्वेषवश गलत सूचना प्रस्तुत कर ग्राम पंचायत सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी एवं पटवारी पर मिलीभगत के निराधार आरोप लगाए। ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सरपंच, सचिव और पटवारी ने हमेशा आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई का ही समर्थन किया है। ग्रामवासियों ने उपखंड अधिकारी से मांग की है कि आरोपी श्रवण बंजारा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा गलत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने वालों की भी जांच कर न्यायोचित कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की भ्रांति उत्पन्न न हो। साथ ही मौके पर पड़ी सूखी लकड़ी एवं कोयले की जब्ती कर ग्राम पंचायत फलीचड़ा को सुपुर्द किया जाए, ताकि पंचायत इनका उपयोग गांव के श्मशानों में कर सके। ज्ञापन के समय गांव के अनेक लोग उपस्थित थे।
