गांव की आवाज न्यूज मावलीI मावली उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत धोली मंगरी में भगवान शालीग्राम और माता तुलसी का विवाह समारोह पूरे उत्साह, भक्तिभाव और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस दिव्य विवाह के साक्षी बनने के लिए धोली मंगरी सहित आस-पास के गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विवाह समारोह की शुरुआत एक दिन पहले यानी मंगलवार को हुई। सबसे पहले पूरे गांव में एक भव्य बिंदोली (बारात पूर्व की झाँकी) निकाली गई, जिसने पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल बना दिया। इसके उपरांत विवाह के लिए बारात गांव के प्रसिद्ध चारभुजा मंदिर से धूमधाम के साथ रवाना हुई और गंतव्य स्थल खोडिया जी बावजी परिसर में पहुंची।बारात की अगवानी और स्वागत भी अत्यंत भव्य रहा। पूरा गांव रोशनी से जगमगा उठा और बारातियों के स्वागत में जोरदार आतिशबाजी भी की गई, जिससे माहौल पूरी तरह से उत्सवमय हो गया।
बारात में शामिल ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण की और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भाव-विभोर होकर नाच-गान किया। हजारों की संख्या में ग्रामीण और आस-पास के लोग बारात में शामिल हुए, जिससे भक्ति और उल्लास का एक अविस्मरणीय दृश्य उपस्थित हुआ। बुधवार को शुभ लग्न वेला में विवाह की मुख्य रस्म विधि-विधान के साथ निभाई गई। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शालीग्राम और माता तुलसी का प्रतीकात्मक विवाह कराया गया।
विवाह की सभी आवश्यक रस्में, जैसे कन्यादान और फेरे ग्रामीणों ने पूर्ण आस्था के साथ निभाईं।
- पूरे रीति-रिवाजों के साथ यह पावन विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। विवाह संपन्न होने के बाद महाप्रसादी का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रेमपूर्वक इस प्रसाद को ग्रहण किया।धोली मंगरी के साथ-साथ आस-पास के गांवों के लोग भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और सामूहिक रूप से पुण्य लाभ प्राप्त किया।यह आयोजन शालीग्राम-तुलसी विवाह के प्रति स्थानीय निवासियों की गहरी आस्था, धार्मिक उत्साह और सामुदायिक सद्भाव का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। विवाह की सारी रस्म होने के बाद शाम को बारात को धूमधाम के साथ विदाई दी गई
