गांव की आवाज न्यूज उदयपुर। अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ उदयपुर का जिला शैक्षिक सम्मेलन सेमिनार हॉल, पेसिफिक यूनिवर्सिटी देबारी उदयपुर में सम्पन्न हुआ।सम्मेलन के मुख्य अतिथि चंद्रगुप्त सिंह चौहान (पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा) थे, जबकि अति विशिष्ट अतिथि हेमंत कोठारी (कुलपति, पेसिफिक विश्वविद्यालय) रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता सुखलाल डांगी (जिला अध्यक्ष, प्रबोधक संघ) ने की।विशिष्ट अतिथियों में दीपक शर्मा (महामंत्री, भाजपा देहात), बंसीलाल रेबारी (प्रदेश सभाध्यक्ष, अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ), मीना शर्मा (मुख्य ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, कुराबड़), गुलाब सिंह सिसोदिया (संभाग अध्यक्ष), एवं दिलीप सिंह (जिला अध्यक्ष, संयुक्त कर्मचारी महासंघ) शामिल रहे।

मुख्य वार्ताकारों में दुर्गेश कुमार मेनारिया ने “सुदृढ़ अर्थव्यवस्था में शिक्षक का दायित्व” विषय पर विचार व्यक्त किए।नीलिमा रावल (प्रबोधक, गिरवा) ने “प्रखर 2.0” पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।सम्मेलन में प्रबोधक संघ के जिला पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों का स्वागत साफा व उपरना पहनाकर किया गया।बंसीलाल रेबारी ने प्रबोधक साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार पुरानी सेवा की गणना नहीं करती है तो संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।मुख्य अतिथि चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिक समय में शिक्षकों को शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में नैतिकता और संस्कार के गुण विकसित करने चाहिए। उन्होंने प्रबोधकों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और राज्य सरकार से समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।अति विशिष्ट अतिथि हेमंत कोठारी ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर विचार रखे तथा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच छात्रों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने पर बल दिया।जिला अध्यक्ष सुखलाल डांगी ने प्रबोधकों की विभिन्न समस्याओं का संकलन प्रस्तुत किया और संघ की ओर से दो सूत्रीय मांग पत्र सरकार को सौंपा।

इसमें प्रमुख मांगें रही—प्रबोधक पद पर नियुक्ति से पूर्व राज्य की विभिन्न परियोजनाओं में की गई सेवाओं की गणना कर सभी परिलाभ प्रदान किए जाएं।पदोन्नति पश्चात न्यायसंगत पदस्थापन किया जाए।सम्मेलन में दिलीप सिंह, प्रवीण कुमार आमेटा, ओमप्रकाश प्रजापत, महेंद्र सिंह, रामरक्षपाल सिंह, रामप्रसाद खटीक, बालूराम गमेती, पंकज त्रिपाठी, निर्मल कुमार मीणा, कमलेश कुमार वैष्णव, किशन गिरी गोस्वामी, भोलीराम डांगी, शेषमल गर्ग, मोहन पालीवाल, ओमप्रकाश दादीच आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।अंत में सुखलाल डांगी ने आए हुए सभी अतिथियों व प्रबोधकों का आभार प्रकट किया।
