गांव की आवाज उदयपुर। उदयपुर जिला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस थाना वल्लभनगर ने नशे के काले कारोबार से अर्जित की गई लाखों रुपये की अवैध संपत्ति को फ्रीज (जब्त) कर लिया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 68एफ के तहत अमल में लाई गई है।
तस्करों को संरक्षण देकर खड़ी की अवैध संपत्ति
पुलिस अनुसंधान और गोपनीय सत्यापन में यह बात सामने आई है कि आरोपी विपिन (पिता मांगू), निवासी बड़गाँव पुरोहितान (थाना वल्लभनगर), पिछले कई सालों से पश्चिमी राजस्थान के सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों के संपर्क में था। वह इन तस्करों को अपने क्षेत्र में ठहराने, संरक्षण देने और अन्य प्रकार से मदद पहुँचाने का काम करता था। इस अवैध काम के बदले मिलने वाले आर्थिक लाभ से आरोपी ने लाखों रुपये की चल संपत्तियां खड़ी कर लीं।
चार वाहन किए गए फ्रीज
वित्तीय विश्लेषण और स्थानीय सत्यापन के बाद पुलिस ने आरोपी द्वारा तस्करी की काली कमाई से खरीदे गए कुल चार वाहनों को चिन्हित कर फ्रीज कर दिया है। जब्त किए गए वाहनों में शामिल हैं:
- एक स्कॉर्पियो कार
- एक ऑल्टो कार
- एक लोडिंग टेम्पो
- एक महिंद्रा ट्रैक्टर
इस कार्रवाई से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य तैयार कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए कम्पीटेंट अथॉरिटी, नई दिल्ली को भेज दिए गए हैं।
इस टीम ने की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (खेरवाडा) श्रीमती अंजना सुखवाल के सुपरविजन में की गई। कार्रवाई का नेतृत्व वल्लभनगर के वृताधिकारी श्री श्रवण दास संत और वल्लभनगर थानाधिकारी श्री पूनाराम गुर्जर की टीम द्वारा किया गया।
“अवैध कमाई से बनाई संपत्ति चाहे खुद के नाम हो या बेनामी, पुलिस उसे ढूंढकर जब्त करेगी। युवाओं को नशे से दूर रखना और समाज को नशामुक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
— डॉ. अमृता दुहन, जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर
आमजन से पुलिस की अपील
उदयपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनके आस-पास मादक पदार्थों की तस्करी, नशे का अवैध कारोबार या अपराध से कमाई गई संपत्ति की कोई भी जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

