उदयपुर

होलिका दहन में तलवार-बंदूक लिए गैर खेलते दिखे युवा

होलिका दहन में तलवार-बंदूक लिए गैर खेलते दिखे युवा

गांव की आवाज न्यूज उदयपुर l खेरवाड़ा के बलीचा गांव में शनिवार को होलिका दहन हुआ। यहां हजारों की संख्या में लोग जुटे। बड़ी संख्या में युवा हाथों में तलवार और बंदूक लिए गैर खेलते नजर आए। यह नजारा देखने के लिए डूंगरपुर, बांसवाड़ा और पड़ोसी राज्यों गुजरात व एमपी से भी ग्रामीण पहुंचे।

यहां होलिका दहन पूर्णिमा के अगले दिन धुलंडी पर होता है। आयोजन लोकदेवी के मंदिर के पास हुआ। ग्रामीणों की टोलियां फाल्गुन गीत गाते हुए पहुंचीं। ढोल की धुन पर गैर नृत्य करते हुए लोग होलिका दहन स्थल तक आए। होली के दहकते कंडों के बीच खड़े डंडे को तलवार से काटने की परंपरा है। युवाओं में इसे काटने की होड़ लगी रही। जो युवा इसमें असफल रहे, उन्हें मंदिर में सलाखों के पीछे कुछ समय के लिए बंद किया गया। भविष्य में गलती न करने की जमानत पर उन्हें छोड़ा गया।

इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पहाड़ियों पर चढ़कर इस नजारे को मोबाइल में कैद करते दिखे। आयोजन स्थल पर खाने-पीने और सजावटी सामान की स्टॉल्स लगीं। ग्रामीणों ने जमकर लुत्फ उठाया। सुरक्षा के लिए खेरवाड़ा, पाटिया, पहाड़ा और बावलवाड़ा थानों के थानाधिकारी जाब्ते के साथ मौजूद रहे। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

Lilesh Suyal

मेरा नाम Lilesh Suyal है। मैं एक e-Mitra संचालक और न्यूज़ रिपोर्टर हूँ। समाज की सच्ची और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाना मेरा उद्देश्य है।मैं लंबे समय से ग्रामीण व शहरी समस्याओं, सरकारी योजनाओं, रोजगार, शिक्षा और समाज से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहा हूँ। मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि आम जनता की आवाज़ जिम्मेदारी से सामने लाई जाए और सही जानकारी सही समय पर लोगों तक पहुँचे।मेरे काम के दो मुख्य क्षेत्र हैं:e-Mitra Services – जहाँ मैं आम जनता को सरकारी सेवाएँ और डिजिटल सुविधाएँ उपलब्ध करवाता हूँ।News Reporting – जहाँ मैं ज़मीनी स्तर पर जाकर लोगों की समस्याएँ, मुद्दे और घटनाएँ रिपोर्ट करता हूँ ताकि उन्हें उचित मंच मिले।Ganv Ki Aavaj न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से मेरा मकसद है कि गाँव-गाँव की आवाज़ हर पाठक तक पहुँचे और कोई भी खबर अनसुनी न रहे।

संबंधित खबरें

← पिछली खबर क्रिकेट टूर्नामेंट: वांगरोदा भीमल विजेता, बेजनाटिया उपविजेता... अगली खबर → मावली में मृत बंदर का हिंदू रीति से अंतिम संस्कार...

टिप्पणी करें