राजस्थान

उदयपुर के भानपुरा गांव में लेपर्ड पहले आया पास, फिर चक्कर लगाया और बाद में पिंजरे में फंस गया

उदयपुर के भानपुरा गांव में लेपर्ड पहले आया पास, फिर चक्कर लगाया और बाद में पिंजरे में फंस गया

जैन मंदिर में फंसा लेपर्ड, सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें

गांव की आवाज उदयपुर। उदयपुर के कुछ इलाकों में लगातार लेपर्ड का मूवमेंट देखा जा रहा था। अब सायरा ब्लॉक के एक जैन मंदिर में उसे पिंजरे में कैद कर लिया गया। सीसीटीवी फुटेज में लेपर्ड पिंजरे के पीछे नजर आया। कुछ देर घूमने के बाद वह पिंजरे के अंदर चला गया। मंदिर में यह लेपर्ड फरवरी से देखा जा रहा था।

सायरा से राजसमंद के कुंभलगढ़ के बीच भानपुरा गांव है। गांव के बीच आबादी में स्थित जैन मंदिर में लेपर्ड लगातार नजर आ रहा था। गांव के लोग रात को घर से निकलने से डरने लगे थे। वन विभाग ने पिंजरा लगाया, लेकिन लेपर्ड उसमें नहीं आया। मंगलवार रात करीब 10.09 बजे लेपर्ड मंदिर के पास पहुंचा। पहले उसने मंदिर की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन फिर पीछे हट गया। इसके बाद पिंजरे के चारों ओर घूमते हुए उसमें फंस गया। यह सब कुछ महज दो मिनट में हुआ।

पंचायत समिति सदस्य रविंद्र सिंह राणावत ने बताया कि गांव के लोग मंगलवार रात सो चुके थे। सीसीटीवी कैमरे का एक्सेस दो लोगों के पास था। इनमें से एक विपुल जैन सूरत में रहते हैं। वे रात को मोबाइल पर फुटेज देख रहे थे। तभी उन्हें लेपर्ड नजर आया। पिंजरे में फंसने के बाद उन्होंने गांव वालों को सूचना दी।

राणावत ने बताया कि सूचना मिलते ही गांव के लोग जैन मंदिर पहुंचे। वहां लेपर्ड को पिंजरे में देखा। फरवरी की शुरुआत से ही गांव के लोग डरे हुए थे। रात के समय घर से निकलने में घबराहट थी। बच्चों से लेकर बड़ों तक में डर था। जैसे ही लेपर्ड पकड़ा गया, गांव में खुशी फैल गई। हालांकि, अभी भी संशय बना हुआ है कि यह वही लेपर्ड है या कोई दूसरा।

भानपुरा गांव उदयपुर जिला मुख्यालय से करीब 83 किलोमीटर, गोगुंदा से 45 किलोमीटर और सायरा से 11 किलोमीटर दूर है। यह गांव सायरा से कुंभलगढ़ जाने वाले रास्ते पर पड़ता है। गांव की आबादी करीब 1300 है। आसपास जंगल नहीं है, लेकिन गांव से बाहर निकलते ही जंगल जैसा इलाका है। गांव के एक तरफ कुंभलगढ़, रणकपुर और सायरा का जंगल पड़ता है, जो कुछ दूरी पर स्थित है।

Lilesh Suyal

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