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पलाना कलां विद्यालय निरीक्षण: उपखंड अधिकारी ने दिए सख्त निर्देश, बालिकाएं अब सीनियर सेकेंडरी भवन में बैठेंगी

पलाना कलां विद्यालय निरीक्षण: उपखंड अधिकारी ने दिए सख्त निर्देश, बालिकाएं अब सीनियर सेकेंडरी भवन में बैठेंगी

गांव की आवाज न्यूज मावली ( लिलेश सुयंल) 30 जुलाई 2025-मावली उपखंड अधिकारी रमेश सीरवी एवं प्रशिक्षु आईएएस सृष्टि डाबिया ने मंगलवार को पलाना कलां स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। विद्यालय में जर्जर भवन एवं सीमित कक्षाओं में चल रहा था। स्कूल में केवल चार कमरे हैं, जिनमें दो जर्जर स्थिति में हैं। कक्षा 10 तक की पढ़ाई महज दो कमरों व एक बरामदे में संचालित हो रही थी।

जांच के दौरान उपखंड अधिकारी ने पीईईओ कार्यालय सीनियर सेकेंडरी प्रभारी अर्जुन लाल पालीवाल को बुलाया और सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में खाली कमरों की जानकारी ली। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अधिकारी स्वयं सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे। वहां नए बने तीन कमरों व बरामदे को बालिका विद्यालय को सौंपते हुए, बुधवार से कक्षाएं वहीं संचालित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एक कमरे में ताला लगा मिला, जिसे प्रभारी ने ‘रसोई’ बताया, लेकिन खोलने पर वह स्टोर के रूप में उपयोग होता पाया गया। इस पर दोनों अधिकारी नाराज हुए और तत्काल भंगार हटाकर वहां कक्षा शुरू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने शिक्षकों से कहा कि जब तक बालिका विद्यालय की मरमत नही हो जाती तब तक सभी बच्चे अब पीईईओ सीनियर सेकेंडरी भवन में ही पढ़ेंगे। इस दौरान तहसीलदार नंदलाल जोशी, पटवारी रीना यादव व प्रधानाध्यापिका प्रीति राठौड़ भी मौजूद रहीं।

तीन साल से अस्थायी व्यवस्था, निजी भवन में कक्षाएं 6 अक्टूबर 2023 को बालिका विद्यालय को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किए जाने के बावजूद, मूल भवन की मरम्मत नहीं हो सकी है। बारिश के दिनों में तीन वर्षों से कक्षा 1 से 8 तक की बालिकाओं को निजी भवन में बिठाकर अस्थायी व्यवस्था की जा रही है।

खेल मैदान पर अतिक्रमण का आरोप
निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी ने बालिका विद्यालय की खाली ज़मीन की जानकारी मांगी, जिस पर पटवारी सहयोगी ने बताया कि ज़मीन सड़क में चली गई है। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि खेल मैदान पर निजी कब्जे कर लिए गए हैं।

निम्बाडा की डांग स्कूल की भी हालत खराब
इसी पीईईओ क्षेत्र के तहत आने वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय, निम्बाडा की डांग की छत की स्थिति भी जर्जर है। छत से सरिये झांक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मरम्मत नहीं हुई तो वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।

Lilesh Suyal

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