गांव की आवाज न्यूज़ मावली । घासा दौरे पर जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल ने गुरुवार को घासा पंचायत समिति क्षेत्र के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए आमजन के कार्यों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
दौरे की शुरुआत जिला कलेक्टर ने घासा स्थित सीएचसी भवन के निरीक्षण से की। यहां उन्होंने अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने रास्तों पर अतिक्रमण और जल निकासी की समस्या से अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने ग्राम विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए दो दिन में समस्या का समाधान नहीं होने पर निलंबन की चेतावनी दी। साथ ही विकास अधिकारी मावली को भी विभिन्न समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने भूमि विवाद, रास्तों के मामलों में कार्रवाई नहीं होने तथा धोली मंगरी गांव का नाम ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने से जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, पेंशन एवं अन्य दस्तावेज नहीं बनने की समस्या बताई। इस पर कलेक्टर ने घासा तहसीलदार के प्रति नाराजगी जताई।
इसके बाद उन्होंने तहसील कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व रिकॉर्ड, फाइलों के रखरखाव एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। तहसीलदार को निर्देश दिए गए कि राजस्व संबंधी मामलों का समय पर निस्तारण किया जाए ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
महुडा गांव में डीएमएफटी मद से 12-12 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन कमरों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने मौके पर मौजूद समसा विभाग के जेईएन दीपक त्रिवेदी से गुणवत्ता रिपोर्ट, सरियों की जांच रिपोर्ट एवं लैब टेस्ट दस्तावेज मांगे, लेकिन दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उपखंड अधिकारी मावली को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर स्केल से लोहे के सरियों का माप भी लिया।
जल जीवन मिशन कार्यों की समीक्षा
मांगथला पंचायत क्षेत्र स्थित गंधर्व सागर तालाब पर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जलदाय विभाग के एईएन से जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी ली। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने का कार्य पूर्ण नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
दौरे के दौरान एसडीएम रमेश सीरवी, बीडीओ शैलेंद्र खींची, तहसीलदार राधेश्याम जोशी, नायब तहसीलदार नंदलाल जोशी, सरपंच गणपत दास वैष्णव, सहायक बीसीएमओ डॉ. हितेश प्रताप सिंह, डॉ. कृतिका सालवी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं एवं मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—
घासा में नियमित एवं पर्याप्त जल वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करना।
बिजली व्यवस्था सुधारने एवं अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति।
बिजली विभाग का एईएन कार्यालय घासा में खोलना।
सहकारी समिति में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना।
नवगठित घासा पंचायत समिति का कार्यालय शीघ्र प्रारंभ करना, ताकि लोगों को कार्यों के लिए 20 किलोमीटर दूर मावली न जाना पड़े।
घासा में राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा खोलना।
घासा श्मशान पुलिया से माणकावास तथा घासा से खाम की मादड़ी तक डामरीकरण सड़क स्वीकृत करवाना।
घासा सीएचसी के जर्जर भवन का पुनर्निर्माण एवं रिक्त पदों को भरना।
गंधर्व सागर तालाब के सौंदर्यीकरण हेतु बाउंड्रीवाल निर्माण।
माणकावास विद्यालय में रिक्त पदों की पूर्ति।
बिलोता-माणकावास-घासा सड़क सहित अन्य विकास कार्यों की स्वीकृति।
जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सभी मांगों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़े…
मावली SDM की मौजूदगी में मांगथला में गंगा पूजन, ग्रामीणों ने लिया जल और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
उदयपुर: घासा थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 8.16 ग्राम एमडीएमए के साथ एक तस्कर गिरफ्तार

