गांव की आवाज न्यूज उदयपुर। उदयपुर जिले के सायरा इलाके में रविवार सुबह भालुओं के आतंक से सनसनी फैल गई। क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में भालुओं ने खेतों में काम कर रहे दो ग्रामीणों पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दोनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
सुबह 8 बजे अचानक हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रविवार सुबह करीब 8 बजे की है। सायरा इलाके के पुनावली और कुम्हारवास गांव में भालुओं ने इस वारदात को अंजाम दिया। भालुओं ने ग्रामीणों के मुंह, गर्दन और छाती पर अपने तीखे दांतों और नाखूनों से गहरे घाव किए हैं। अचानक हुए इस हमले के कारण पीड़ितों को संभलने का तक मौका नहीं मिला।

अलग-अलग गांवों में दो लोग हुए शिकार
पहली घटना (पुनावली गांव): यहाँ चुन्नीलाल पालीवाल अपने खेत पर काम कर रहे थे, तभी अचानक एक भालू ने उन पर हमला बोल दिया।
दूसरी घटना (कुम्हारवास गांव): यहाँ अंबालाल प्रजापत नाम के ग्रामीण भालू का शिकार बने। उन पर भी भालू ने उस वक्त हमला किया जब वे खेत में काम कर रहे थे।
ग्रामीणों ने खदेड़ा, मोबाइल में कैद हुआ वीडियो
दोनों ही घटनाओं के दौरान पीड़ितों की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़े। भारी संख्या में ग्रामीणों को अपनी तरफ आता देख भालू खेतों और घरों के पीछे की तरफ भाग निकले। इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ युवाओं ने भागते हुए भालू का अपने मोबाइल से वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अस्पताल में इलाज जारी, गांवों में दहशत
घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायल चुन्नीलाल और अंबालाल को सायरा के प्राथमिक अस्पताल ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों का इलाज शुरू किया। फिलहाल दोनों अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
इस घटना के बाद से पुनावली और कुम्हारवास सहित आस-पास के गांवों में भारी डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि भालुओं के इस तरह आबादी और खेतों के करीब आ जाने से अब लोग घरों से बाहर निकलने और खेतों में काम पर जाने से कतरा रहे हैं।
वन विभाग से गुहार
परेशान और डरे हुए ग्रामीणों ने इस पूरी घटना की सूचना तुरंत स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम से मांग की है कि क्षेत्र में पिंजरा लगाकर या रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर भालुओं को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें वापस गहरे जंगल में छोड़ा जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।

