गांव की आवाज न्यूज मावली । जल संकट से निपटने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए मावली उपखण्ड क्षेत्र में आगामी 25 मई 2026 से एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार के निर्देश पर आयोजित होने वाले इस “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उदयपुर जिला कलेक्टर के निर्देशों के बाद आज (22 मई) शाम 4 बजे मावली पंचायत समिति सभागार में उपखण्ड अधिकारी रमेश शिरवी की अध्यक्षता में एक विशेष समीक्षा बैठक हुई, जिसमें अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया।
यह विशेष अभियान 25 मई से शुरू होकर 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक लगातार संचालित किया जाएगा। बैठक के दौरान उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण एवं स्वच्छता से संबंधित कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन करना है।
हर गाँव में रोज़ाना होंगे कार्यक्रम
अभियान के तहत मावली क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों और नगर पालिकाओं में रोजाना जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण स्तर पर ग्राम विकास अधिकारी इसके प्रभारी होंगे, जबकि उपखण्ड स्तर पर हर दिन शाम 5:00 बजे अलग-अलग स्थानों पर विशेष आयोजन किए जाएंगे, जिनका शिड्यूल इस प्रकार तय किया गया है:
25 मई: अभियान की शुरुआत साकरियाखेड़ी (सुखवाड़ा) से होगी, जहाँ नदी, बांध और नहरों के पूजन के साथ वंदे गंगा प्रभात फेरी व कलश यात्रा निकाली जाएगी।
26 मई: लोपड़ा (बिडघास) में नुक्कड़ नाटकों के ज़रिए लोगों को पानी बचाने का संकल्प दिलाया जाएगा और नए अमृत सरोवरों का शिलान्यास होगा।
27 मई: फतहनगर की कृष्ण गौशाला में विशेष स्वच्छता अभियान और जल संरक्षण को लेकर संगोष्ठी आयोजित होगी।
28 मई: मावली रेलवे स्टेशन, पुराना बस स्टैंड और फतहनगर कृषि मंडी जैसे सार्वजनिक स्थानों पर आमजन के लिए ‘वंदे गंगा जल सेवा’ (प्याऊ) शुरू की जाएगी।
29 मई: जावड़ में ग्रामीण जल स्रोतों, प्राचीन तालाबों और जोहड़ों की साफ-सफाई और मरम्मत का काम हाथ में लिया जाएगा। वहीं औद्योगिक क्षेत्र के लिए बजाज नगर की सीमेंट फैक्ट्री में कार्यशाला होगी।
30 मई: घासा में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत पूरे हो चुके कार्यों का लोकार्पण होगा और ‘जल चौपाल’ सजेगी।
31 मई: ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर फतहनगर-सनवाड़ में साइकिल रैली निकाली जाएगी, तालाबों से गाद निकाली जाएगी और पक्षियों के लिए परिंडे बांधे जाएंगे।
01 जून: ईण्टाली में कृषि विभाग के सहयोग से किसानों के लिए विशेष कार्यशाला होगी, जिसमें ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
02 जून: मांगथला के गन्धर्व सागर तालाब पर जल स्रोतों की सफाई, वाटर टेस्टिंग और वर्षा जल संचयन (Water Harvesting) तकनीकों का प्रदर्शन होगा。
03 जून: मावली और खेमली क्षेत्र में ऊर्जा विभाग द्वारा बिजली ट्रांसफार्मरों के आसपास सफाई की जाएगी और पर्यावरण चेतना पर चर्चा होगी।
04 जून: पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मावली में स्कूली बच्चों के लिए निबंध, स्लोगन, पेंटिंग और खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
05 जून: विश्व पर्यावरण दिवस पर साकरोदा में वन विभाग द्वारा पौधरोपण की तैयारियां और तुलसी के पौधों का वितरण किया जाएगा। शाम को नाथेला तालाब (मावली) पर एक भव्य सांस्कृतिक संध्या के साथ इस महा-अभियान का समापन होगा, जहाँ जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले ‘जल-योद्धाओं’ और भामाशाहों को ‘जल गौरव सम्मान’ से नवाजा जाएगा।
काम में ढिलाई पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने इस अभियान को बेहद गंभीरता से लिया है। उपखण्ड अधिकारी ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी स्तर पर अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई भी अपने काम में कोताही बरतता है, तो उसके खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।
आज हुई इस तैयारी बैठक में विकास अधिकारी (नोडल ऑफिसर) सहित राजस्व विभाग, पंचायती राज, कृषि, शिक्षा, वन और पशुपालन विभाग के तमाम ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

