घासा में धूमधाम से निकली भगवान चारभुजानाथ की भव्य रथयात्रा, भक्ति गीतों पर देर रात तक थिरके श्रद्धाल
- जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, ढोल-डीजे और जयकारों से गुंजायमान हुआ गांव
गांव की आवाज न्यूज मावली। घासा गांव स्थित पटेलों का चोरा पर विराजमान भगवान चारभुजानाथ की पारंपरिक वार्षिक भव्य रथयात्रा इस वर्ष भी पूरी श्रद्धा, आस्था और धूमधाम के साथ निकाली गई। इस अवसर पर संपूर्ण क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया और दिनभर ‘जय श्री चारभुजाजी’ के जयकारों से गांव गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे पूर्ण विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद भगवान चारभुजानाथ के बाल स्वरूप को आकर्षक फूलों से सजाए गए भव्य रथ में विराजित किया गया। डीजे की मधुर धुनों, ढोल-नगाड़ों की थाप और श्रद्धालुओं के जयघोष के साथ रथयात्रा मुख्य मंदिर परिसर से रवाना हुई।
गांव के प्रमुख मार्गो से गुजरी शोभायात्रा
शोभायात्रा पटेलों का चोरा से प्रारंभ होकर गांव के प्रमुख आदर्श बाजार पहुंची। यहां से पटेलों का वाड़ा, चामुंडा माता मंदिर, मंडी की मंगरी, लिमड़िया जी बावजी तथा रामेश्वर महादेव मंदिर होते हुए वाघरिया का कुआं से आडी सड़क मार्ग पहुंची। इसके बाद रथयात्रा हरदावतों की मंगरी होते हुए वेघनाथ महादेव मंदिर पहुंची।
मार्ग में ग्रामीणों ने भगवान चारभुजाजी और यात्रा में शामिल वैष्णव जनों का पलक-पावड़े बिछाकर आत्मीय स्वागत किया। जगह-जगह आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा की गई। रथयात्रा में शामिल महिला व पुरुष श्रद्धालु भक्ति गीतों की धुन पर लीन होकर देर रात तक थिरकते नजर आए। मार्ग में स्थित प्रत्येक देवालय पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया गया।
क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
विभिन्न देवस्थानों के दर्शन करते हुए यह भव्य रथयात्रा देर शाम लगभग 7 बजे पुनः अपने मूल गंतव्य मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के साथ धार्मिक आयोजन का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी के समक्ष शीश नवाकर क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान गांव के पंच-पटेलों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।

