110 वर्ष की उम्र तक रहीं स्वस्थ, कभी अस्पताल नहीं गईं: शतायु केशी बाई का निधन
गांव की आवाज न्यूज मावली । आज जब छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी लोग अस्पतालों और दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, ऐसे समय में घासा पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत धोली मगरी के गणेशपुरा गांव से एक ऐसी जीवनगाथा सामने आई है, जो हर किसी को प्रेरित करती है। गांव की करीब 110 वर्षीय शतायु केशी बाई, पत्नी स्वर्गीय मोड़ा गायरी, का निधन हो गया। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
परिजनों के अनुसार केशी बाई ने अपने पूरे जीवन में कभी अस्पताल का रुख नहीं किया। उन्होंने कभी नियमित दवाइयों का सहारा नहीं लिया और जीवनभर स्वस्थ रहीं। उनका जीवन पूरी तरह सादगी, अनुशासन और मेहनत से जुड़ा रहा। वे घर का बना शुद्ध एवं सादा भोजन करती थीं, नियमित दिनचर्या अपनाती थीं और संतुलित जीवन जीने में विश्वास रखती थीं।
परिवार के सदस्य रोड़ीलाल ने बताया कि केशी बाई अपने पीछे दो पुत्रों, पोते-परपोते और परपोतियों सहित लगभग 25 सदस्यों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। परिवार के सभी लोग उन्हें अपने संस्कारों, सादगी और जीवन मूल्यों की अमूल्य धरोहर मानते हैं।
गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि केशी बाई हमेशा सकारात्मक सोच रखती थीं और दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहती थीं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि संतुलित खान-पान, नियमित दिनचर्या और सरल जीवनशैली लंबे और स्वस्थ जीवन का आधार बन सकती है।
उनके निधन पर गणेशपुरा सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी सादगीपूर्ण एवं प्रेरणादायी जीवन यात्रा को याद किया।
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