मावली

घासा पंचायत समिति: 26 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए लॉटरी जारी, आरक्षण तय होते ही गरमाई चुनावी सरगर्मियां

घासा पंचायत समिति: 26 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए लॉटरी जारी, आरक्षण तय होते ही गरमाई चुनावी सरगर्मियां

घासा पंचायत समिति: 26 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए लॉटरी जारी, आरक्षण तय होते ही गरमाई चुनावी सरगर्मिया

गांव की आवाज न्यूज मावली।  पंचायती राज चुनाव की तैयारियों के बीच उपखंड स्तर पर घासा पंचायत समिति क्षेत्र की 26 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए वर्गवार आरक्षण की लॉटरी प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में निकाली गई। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
आरक्षण सूची सार्वजनिक होते ही दावेदारों के राजनीतिक गणित बदलने लगे हैं। जहां कई दिग्गज नेताओं के समीकरण बिगड़ गए हैं, वहीं नए चेहरों और महिला दावेदारों के लिए रास्ते खुल गए हैं। जिन गांवों में महिला सीट आरक्षित हुई है, वहां पुरुष दावेदार अब अपने परिवार की महिला सदस्यों को चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। वहीं, सामान्य (अनारक्षित) सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद है।
वर्गवार आरक्षण का गणित
घासा पंचायत समिति की कुल 26 ग्राम पंचायतों में नियमानुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा सामान्य वर्ग के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं। पंचायती राज नियमों के तहत महिलाओं के लिए 50% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है:
सामान्य वर्ग (12 सीटें): 6 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं (सिन्दू, धोलीमगरी, घासा, मंडी की मगरी, नामरी, नूरडा) एवं 6 सीटें अनारक्षित/ओपन रखी गई हैं (मागथला, मोतीखेड़ा, डबोक, गन्दोली, वीरधोलिया, महुड़ा, पलाना खुर्द)।
अनुसूचित जनजाति – ST (7 सीटें): 4 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं (नउवा, मेड़ता, धूर्णीमाता, खेमली) तथा 3 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं (चदेसरा, तुलसीदास जी की सराय, नांदवेल)।
अन्य पिछड़ा वर्ग – OBC (5 सीटें): 2 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं (विजनवास, रठाणा) और 3 सीटें अनारक्षित हैं (रख्यावल, गुडली, सांगवा)।
अनुसूचित जाति – SC (2 सीटें): पलाना कलां सहित अन्य पंचायत शामिल हैं।

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कहीं खुशी, कहीं मायूसी; चौपालों पर शुरू हुई गोलबंदी
​लॉटरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद क्षेत्र की चौपालों, चाय की थड़ियों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर दिनभर चुनावी चर्चाएं जोर पकड़ती रहीं। जिन दावेदारों के पक्ष में सीट आरक्षित रही, उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया; वहीं मनमुताबिक सीट न मिलने से कई पुराने दिग्गजों के चेहरे मायूस नजर आए।
​आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद अब संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने जातीय और सामाजिक समीकरण साधते हुए मतदाताओं से घर-घर जाकर संपर्क करने की तैयारी शुरू कर दी है।

Lilesh Suyal

मेरा नाम Lilesh Suyal है। मैं एक e-Mitra संचालक और न्यूज़ रिपोर्टर हूँ। समाज की सच्ची और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाना मेरा उद्देश्य है।मैं लंबे समय से ग्रामीण व शहरी समस्याओं, सरकारी योजनाओं, रोजगार, शिक्षा और समाज से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहा हूँ। मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि आम जनता की आवाज़ जिम्मेदारी से सामने लाई जाए और सही जानकारी सही समय पर लोगों तक पहुँचे।मेरे काम के दो मुख्य क्षेत्र हैं:e-Mitra Services – जहाँ मैं आम जनता को सरकारी सेवाएँ और डिजिटल सुविधाएँ उपलब्ध करवाता हूँ।News Reporting – जहाँ मैं ज़मीनी स्तर पर जाकर लोगों की समस्याएँ, मुद्दे और घटनाएँ रिपोर्ट करता हूँ ताकि उन्हें उचित मंच मिले।Ganv Ki Aavaj न्यूज़ वेबसाइट के माध्यम से मेरा मकसद है कि गाँव-गाँव की आवाज़ हर पाठक तक पहुँचे और कोई भी खबर अनसुनी न रहे।

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